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बलात्‍कार नहीं रुके तो पुलिस को डसेगी नागिन

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उत्तर प्रदेश में बढ़ रही महिला हिंसा की घटनाओं से ‘नागिन गैंग’ की चीफ कमांडर शीलू निषाद बेहद खफा हैं। वह महिला हिंसा की बढ़ोत्तरी के लिए सबसे ज्यादा पुलिस को जिम्मेदार मानती हैं। गुरुवार की शाम उन्होंने कहा कि ‘फतेहपुर में एक सप्ताह में बलात्कार व अन्य प्रकार कई घटनाएं सामने आई हैं। लेकिन पुलिस हाथ पर हाथ रखे बैठी है, यदि यही रवैया रहा तो ‘नागिन’ पुलिस को भी डसने से परहेज नहीं करेंगी।

‘नागिन गैंग’ की चीफ कमांडर शीलू निषाद एक दलित छात्रा के साथ घटी रेप के मामले में कई दिन से फतेहपुर में जिले में डेरा जमाए हुए हैं। इस बीच कई घटनाएं उनके सामने आ चुकी हैं, जिनमें पुलिस की भूमिका संदिग्ध नजर आती है। शीलू निषाद ने बताया कि ‘खागा के अमांवा गांव में रुबीना नाम की युवती की सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई, पुलिस पूर्व ग्राम प्रधान व अन्य अभियुक्तों के बचाव में वांछित धाराएं तक नहीं लगाई। दो दिन पूर्व बिंदकी थाने के एक गांव में नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली दलित छात्रा की उसके पड़ोसी ने अस्मत लूट ली, इस पीडि़ता को भसी पुलिस नारी निकेतन में भेजा है।

शीलू निषाद ने बताया कि ‘शहर के मुहल्ला पीरनपुर में ब्याही युवती एमन पुत्री शकील कुरैशी को उसका शौहर दहेज की मांग पूरी न होने पर मार-पीट कर घर से निकाल दिया है। यह मामला कई बार पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र सिंह तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक पुलिस न्याय संगत कार्रवाई नहीं कर सकी।’ उन्होंने अफसोस जाहिर करते हुए कहा कि ‘ज्यादातर पुलिस की संदिग्ध भूमिका की वजह से महिला हिंसा की घटनाओं में इजाफा हुआ है।’

चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा कि ‘यदि पुलिस महिला हिंसा रोंक पाने में इसी प्रकार विफल रही तो ‘नागिन गैंग’ की महिलाएं पहले पुलिस को डसेंगी और बाद में आरोपियों के घरों में धावा बोलेंगी।’

उधर, गैंग के संस्थापक व वरिष्ठ पत्रकार रामलाल जयन ने कहा कि ‘पुलिस को मानवीय संवेदना के साथ काम करना चाहिए, कोई भी सरकार अपराधों के बढ़ावा की इजाजत नहीं देती, फिर भी पुलिस महज अपने स्वार्थ के लिए आरोपियों से हाथ मिला लेती है। जिसका खामियाजा महिलाओं को भोगना पड़ रहा है।’ पत्रकार जयन ने कहा कि ‘पुलिस कार्य प्रणाली से क्षुब्ध होकर महिलाओं ने बगावत किया तो इसे काबू कर पाना पुलिस के लिए बड़ा मुश्किल काम होगा।’

(Source:India1)

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