‘भगवत गीता को प्रतिबंधित करने की मांग’
मास्को। हिंदूओं के प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथ को रूस में कट्टरवादी करार दिया गया है जिसके चलते हो सकता है कि इस ग्रंथ को बैन करने की बात हो रही है। कुछ पब्लिक प्रॉसिक्यूटरों ने धर्मिक ग्रंथ गीता को प्रतिबंधित करने के लिए साइबेरिया के तोमस्क शहर की एक अदालत में मामला दर्ज कराया है। जिस पर फैसला सोमवार को आ सकता है।
आपको बता दें जून 2011 से ही अदालत में यह मुकदमा तल रहा है कि भगवत गीता से सामाजिक हिंसा चल रही है इसलिए तत्काल प्रतिंबधित कर दिया जाये। साथ ही रूस में इसके बांटने – बेचने को भी गैरकानूनी घोषित करने की भी मांग की गई है। आपको बता दें कि 15-17 दिसंबर तक देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रूस के दौरे पर थे।
मास्को में रहने वाले भारतीयों ने मनमोहन सिंह से मुलाकात की है कि और कहा कि वे भगवद्गीता के पक्ष में इस मुद्दे को सुलझाने के लिए हस्तक्षेप करें। रूस में इस्कॉन के अनुयायियों ने भी नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने के लिए लिखा है। देखते है भारत सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है।








