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नई दिल्ली: मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने कथित ‘लव जिहाद’ के खिलाफ मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020’ को मंजूरी दे दी. इस भड़के एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा शासित राज्यों की सरकार को निशाना साधा है. उन्होंने मंगलवार को लव जेहाद कानून पर कहा कि संविधान में लव-जेहाद की कोई परिभाषा नहीं है.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमारे भारतीय संविधान में कहीं भी लव जेहाद कानून की काई परिभाषा नहीं है. बीजेपी शासित राज्य लव जेहाद कानूनों के जरिए भारतीय संविधान का मजाक बना रहे हैं. बीजेपी शासित राज्य अगर कानून बनाना चाहते हैं तो उन्हें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाना चाहिए और रोजगार देना चाहिए.

एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने आगे कहा कि कोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए दोहराया कि संविधान में आर्टिकल 21, 14, और 25 के अंतर्गत देश के किसी भी नागरिक के व्यक्तिगत जीवन में सरकार की कोई भूमिका नहीं है. साफ तौर पर बीजेपी संविधान के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करने में संलिप्त है.

लव जिहाद : मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने ‘धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020’ को मंजूरी दी

मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल ने कथित ‘लव जिहाद’ के खिलाफ मंगलवार को ‘मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020’ को मंजूरी दी है. इस अध्यादेश के जरिए शादी तथा किसी अन्य कपटपूर्ण तरीके से किए गए धर्मांतरण के मामले में अधिकतम 10 साल की कैद का प्रावधान किया गया है.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मध्यप्रदेश के कानून एवं गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने यहां संवाददाताओं को बताया कि मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता विधेयक-2020 को मंगलवार को अध्यादेश के रूप में मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है. उन्होंने कहा कि इस अध्यादेश को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के पास उनकी स्वीकृति के लिए भेजा गया है और उनकी मंजूरी मिलते ही यह कानून के रूप में प्रदेश में लागू हो जाएगा.

मिश्रा ने बताया कि मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अध्यादेश-2020 सहित कई अन्य अध्यादेशों को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी दी गई. उन्होंने कहा कि इन विधेयकों को कोविड-19 की मौजूदा स्थिति के चलते 28 दिसंबर से शुरू होने वाले मध्यप्रदेश विधानसभा के तीन दिवसीय शीतकालीन सत्र के स्थगित हो जाने से सदन में पेश नहीं किया जा सका.